Home Sahi kya Hai जाने मनकामेश्वर मंदिर में कौन कौन भगवान विराजमान है ?

जाने मनकामेश्वर मंदिर में कौन कौन भगवान विराजमान है ?

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जाने मनकामेश्वर मंदिर में कौन कौन भगवान विराजमान है ?

जाने मनकामेश्वर मंदिर में कौन कौन भगवान विराजमान है ?
मनकामेश्वर मंदिर जो बलेटवा गांव, वड़ताल, अहमदाबाद, गुजरात में उपस्थित थे और इस मंदिर में शिव जी के सभी स्वरूप विराजमान है।यहाँ पर शिव जीके साथ में सभी धर्म हिंदू, मुस्लिम, सिख, इसाई के जो भगवान है।वो भी उपस्थित है और यह मंदिर।जो बना है बनाने वाले जो थे वो अपनी माता पिता की याद में इस मंदिर का निर्माण करवाया था।इस मंदिर की जो विशेषता है वो आपको बता दें कि इस मंदिर में प्रवेश द्वार पर भगवान गणेश हैं और गणेश जीके साथ में उनके मूषक की भी प्रतिमा बनी हुई है, जिनको पूजा जाता है। पर इस दौर से आगे बढ़ते हैं तो वहाँ के महाराज।आनंद स्वामी, स्वामी नन्द सचदानंद।विराजमान है। इसके आगे गुरु नानक, सिखों के महागुरु जो गुरुनानक, दो है वो फिर स्वामी विवेकानंद विराजमान उनके ब्राह्मण को जो परशुराम भगवान थे वो भी , फिर गुजरात के झूलेलाल और प्रसिद्ध संत जलाराम और उनकी पत्नी वीर बाई विराजमान है। इसी मंदिर में बनाने वाले की जो।उनके माता पिता जो स्वर्गवास हो गया तो वो भी विराजमान है। इनके साथ सूर्य भगवान भी विराजमान हैं सात घोड़ों के साथ। इनके साथ में इस मंदिर में शंकराचार्य जी भी विराजमान है।सबसे खास बात यह है की यहाँ पर शुरू यंत्र इस मंदिर में शिव शिवलिंग तो सारे हैं।पारा का शिवलिंग जीतने भी पृथ्वीलोक में शिवलिंग है।

वो 151प्रकार के जो शिवलिंग होते हैं वो सारे विराजमान।उसके साथ में शिव यंत्र भी यहाँ पर विराजमान है। फिर इसी में नौ ग्रहों की प्रतिमाएं हैं। नौ ग्रह जो अपने होते हैं उनके सभी की प्रतिमा यहाँ पर विराजमान है। उन्हीं के साथ में शनि देव भी विराजमान है।इस मंदिर की विशेषता है की यहाँ पर शनि देव के साथ में श्रीराम परिवार जो वनवास में रहते हैं, श्रीराम जी माता सीता जी, लक्ष्मण जी वो विराजमान हैं। उनके साथ में जो स्वर्ण हिरण था वो भी विराजमान है। वो उनकी उसकी भी प्रतिमा लगाई गई। यहाँ पर जानवरों को भी भगवान के साथ में दिया गया है।यहाँ पर भगवान श्रीकृष्ण राधारानी भी विराजमान है। लड्डू गोपाल भी विराजमान है। इसके साथ में जो द्वारिका में एक डाकू प्रसिद्ध थे रणछोड़दास वो अभी विराजमान है। उनको अभी भगवान ने दर्शन दिया तो भगवान रूप में उनको भी यहाँ पर विराजमान किया गया है।ऐसा माना जाता है की रंछोड़ वो द्वारका जाता था भगवान के यहाँ और उनके यहाँ उनके दर्शन के लिए। लेकिन एक समय के बाद जब वह वृद्धावस्था हो गई तो जाना जा नहीं पा रहा था तो उसने भगवान से विनती की कि आप हमारे यहाँ आ जाइएगा।तब वो भगवान वहाँ से डाकोर है जहाँ पर वो रहता था तब से उसको पता चली है की भगवान, डाकोर में स्वयं विराजमान है।

इस मंदिर में गुजरात में जीतने भी कुलदेव लिया है। सभी कुलदेवियों देवताओं की भी प्रतिमाएं विराजमान है।सभी की पूजा अर्चना इस मंदिर में होती है।यहाँ पर माँ सरस्वती भी आसमान है।इन सब्जियों के साथ में देवी देवताओं के साथ मैं यहाँ पर 151 ज्योतिलिंग विराजमान है। यहाँ पर 45 केजी स्फटिक का शिवलिंग भी विराजमान है।इन सब में पूजा अर्चना होती। इन समय सभी भक्त जल भी चढ़ाते हैं।यहाँ पर स्फटिक का श्रीयंत्र भी हैं यहाँ पर नीलकण्ड वाणी भी हैं ।
ये है मन कामेश्वर मंदिर में विराजमान देवी देवता और 151 ज्योर्तिलिंग इसे पूरा देखने और जानने के लिए भारत मेरे साथ चैनल का लिंक निचे दिया गया उसे क्लिक करें और पूरा सौन्दर्भ देखें।

Note: – शो पर बोली गयी कोई भी बात चैनल के द्वारा लिखित नहीं है जो भी अतिथि या प्रवक्ता बात कर रहे हैं वो उनके खुद की विचारधारा हैं भारत मेरे साथ चैंनल उसके लिए जिम्मेदार नहीं है।

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