Sunday, February 8, 2026
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कैसा होता है पशु पक्षियों का व्याहार?

मैं थोड़ा-थोड़ा हर पशु का जो है नेचर आपसे जानना चाहूंगी। जैसे आपने कहा कि बंदर बंदर का स्वभाव कैसा है?

स्वभाव पे अगर बात करें थोड़ा सा बंदर दो तरह के होते हैं। गुजरात के जो बंदर है ना वो काले मुंह वाले उसको लंगूर बोलते हैं। लंगूर तो वो बहुत फ्रेंकली होते हैं। वो अगर आप उसको हाथ में खिलाओ तो वो खाएगा पिएगा। वो बहुत फ्रैंकली रहता है। किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचता है। मतलब मेरे घर पे जब वो आते हैं ना 30-40-50 मेरे घर पे आते हैं तो मेरी मम्मी उनको खिलाती है और वो शैतान नहीं होते। बहुत फ्री माइंड होते हैं तो बहुत गुलमिल जाते हैं। बस आप कोई भी एनिमल्स को खाना खिलाओ या फिर पिलाओ। तो आप उसकी तरह उसकी आंखों की तरह आप मत देखिए। मतलब जैसे आप खा रहा है ना तो आप ऐसे बस आप ऐसे रखिए ऐसे रखिए ऐसे रखिए वो खा लेगा अगर आपने उसकी आंखों की तरह देखा है तो उसको लगेगा कि ये मुझ पे अटैक करेगा तो उस चीज को खाली डिस्टेंस रखता है। कोई भी एनिमल्स हो उसको आप बस आंखों में मत देखिए।

हाथी का कैसा स्वभाव है?
हांथी बहुत शांत है। उसको सबसे ज्यादा गन्ना पसंद है। उसको गुड़ पसंद है। वेजिटेबल्स भी बहुत खाता है। तो उनका भी स्वभाव बहुत अच्छा है। बहुत फ्रैंकली है। और गाय भी उतनी पवित्र है कि बस आप कोई भी तीर्थ स्थान नहीं जाओ ना। गाय को खाली गुड़ रोटी खिलाओ। उसकी आरती उतारो और वहां पे जो उसका आवास है जहां पे रहती है उसके वहां की खाली मिट्टी का तिलक भी कर दो ना तो भी आपकी सारी मनोकामना पूर्ण हो जाती है। इतनी बड़ी उसके पास हो सकती है।

आवारा कुत्ते को किस तरह से रखा जाए जो वो डॉग बाइट से भी हम लोग बचे और उनकी सुरक्षा भी हो ?
उसके लिए अ खास तो ये है कि मतलब देखो अभी वो तो उसको मतलब हमारे ग्रंथों में उसको चौकीदार कहा है। मतलब घर की रक्षा वही करता है। पहले भी करता था। आज भी हमारे खेत वगैरह गांव वगैरह है तो रात को कोई चोर आता है तो सबसे पहले कुत्ता ही भौकता है। हमें मतलब अलर्ट करता है कि कोई मतलब हमारे नुकसान करने के लिए आए। तो वहां पे जितने भी एनिमल लवर है वो उनका भी कोई विरोध गलत नहीं है कि मतलब आज एक छोटी सी जगह पे कैच के अंदर उसको आप बांध के रखोगे तो उसका जीवन ही खत्म हो जाएगा। मतलब आप जिंदा आदमी को आप इतना सजा के सजा दे दे रहे हो। मतलब जिंदा जिसने कोई गुनाह नहीं किया है। अब वो तो बेजुबान है। वो कभी अगर वो एग्रेसिव कब होता है कि जब उनको भूख मतलब भूख भूख लगती है उनको खाना नहीं मिलता तो वो अग्रेसिव होते हैं। तो जो एनिमल लवर डाल रहे हैं उनको उनका भी कभी विरोध नहीं करना चाहिए सरकार का कि और सब अभी मतलब नसबंदी भी उतनी ही हो रही है। आज भी कर रहे हैं। बहुत सारे एनजीओ वाले हैं वो कर रहे हैं। तो अभी पपुलेशन तो उतनी उनकी बढ़ नहीं रही है। पर जो है उनको अगर अच्छे से केयर करें उनको ख्याल रखें। अलग-अलग संस्थाओं को इसके लिए सरकार फंड भी देती है खिलाने के लिए पिलाने के लिए उनकी केयर के लिए तो वही सबसे बेस्ट रहेगा।

पशुओं के जो अस्पताल हैं उनको किस तरह से मेंटेन करना चाहिए पशुओं को?
देखो सरकार फंड भी देती है। सोशियल जो लोग हैं, गांव के लोग हैं, शहर के लोग हैं, बिजनेसमैन है, वह बहुत फंड देती है। और कोई भी एनजीओ है, कोई भी गौशाला है, तो उनको एक विशेष लोग हैं। वो हमारी नजर में वो विशेष लोग हैं। मतलब विशेष लोगों को यह ड्यूटी सौंपी जाती है कि भाई तुम जितने भी यहां पर पशु आ रहे हैं वह बीमार है या फिर कोई लकवा वाले पैरालिसिस वाले कोई एसिड डाला है तो उनके निरंतर वो सेवा करना उनका एक सबसे पहले फर्ज है अच्छे बहुत सारी जगह पे अच्छी-अच्छी सेवा भी होती है। अब कई जगह पे सेवा नहीं होती है। तो अभी उसके लिए हमें थोड़ा अलर्ट होना चाहिए। अह जो भी वहां पे जो डोनेशन दे रहे हैं जो जो लोग उनको वीक में एक बार कम से कम जाना चाहिए। वहां पे कर्मचारियों को पूछना चाहिए कि आपको क्या जरूरत है यहां पे? क्या नीड है? बराबर आपको क्या आवश्यकता है? हम क्या बेटर कर सकते हैं? तो ये तो जनरल पब्लिक और जो वहां के जो सदस्य है वही लोग इसको बेटर और अच्छा बना सकते हैं।

सेवा को अगर आप एक लाइन में समझाना चाहे कि सेवा क्या होती है?
जी उसके लिए तो एक लाइन है कि प्रत्येक जीव में शिव है। वाह। प्रत्येक जीव में शिव है। तो मतलब अगर आपको मनुष्य जीवन मिला है तो आप खूब पुण्य कमाए, खूब सेवा करें। खूब अध्यात्म में आप आगे बढ़े कि आज बहुत सारे सेलिब्रिटी लोग भी हैं जो सेवा करते हैं प्रत्यक्ष रूप से नहीं तो अप्रत्यक्ष रूप से भी करते हैं तो ये पृथ्वी का जो बैलेंस है वो बना रहेगा। अगर पशु हमारे आसपास में होंगे वो ईमानदारी से रहते हैं। वो ईमानदारी से हमें प्यार करते हैं। हम उनसे जुड़ेंगे तो एटम हमारा जो घर का आसपास का वातावरण है वो अच्छा बना रहा है। और भगवान की नजर में हम सबसे बेस्ट ह्यूमन बीइंग बनेंगे। जब हम किसी की इतनी अच्छी सेवा करेंगे। चाहे वो गाय है या कुत्ता है या कूड़ा है या फिर हाथी है। किसी को भी मतलब और उनके पास रह के मतलब हमें इतनी पॉजिटिव मिलती है ना जैसे आप गाय के साथ में रहोगे क्योंकि उनके अंदर वो गलत संस्कार नहीं है। उनके अंदर कोई वो तनाव वगैरह नहीं है। वो एकदम सॉफ्ट हार्ट है और ब्लेसिंग हार्ट है उनका। तो हम जब उनके आसपास में रहते हैं, जब उनकी ओरा में रहते हैं तो हमें बहुत मतलब अंदर से बहुत प्रसन्नता मिलती है। क्योंकि आज हर व्यक्ति दुखी है। हर व्यक्ति दुखी है तो मतलब डिप्रेशन में है। अपने कामों में व्यस्त है। कोई पैसों से दुखी है। तो जब हम एनिमल्स के साथ में नेचर के साथ में बर्ड्स के साथ में हम जब जितना समय उनके साथ बिताते हैं तो मतलब उतना घंटा तो हम फ्रेश ही रहते हैं।

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