Monday, January 26, 2026
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श्री माता वैष्णो देवी यूनिवर्सिटी में वर्तमान की स्थिति !

विषय:- श्री माता वैष्णो देवी यूनिवर्सिटी में वर्तमान की स्थिति !
सीरीज़:- Live // No Filter
वक्ता:- दीपक हांडू
शीर्षक:- श्री माता वैष्णो देवी यूनिवर्सिटी में हिन्दू छात्रों की वर्तमान समस्या में जवाबदेही किसकी और इसका जिम्मेदार कौन?
नमस्कार भारत मेरे साथ चैनल पर आप सभी का स्वागत है।
श्री माता वैष्णो देवी यूनिवर्सिटी के हिन्दू छात्रों की वर्तमान समस्या क्या है ? और स्थानीय सरकार की दृष्टिकोण क्या है ?

श्री माता वैष्णो देवी यूनिवर्सिटी में जहां तक आपने बात की है सुरभि जी इनको अभी एक साल पहले मेडिकल कॉलेज की एक परमिशन मिली थी जिसमें इन्होंने 50 सीटें निकाली और स्टेट गवर्नमेंट ने ये कहा कि ये 50 सीटें फिल कर सकती हैं मेडिकल स्ट्रीम में। हम अब जब उसकी लिस्ट आती है तो उस लिस्ट में 50 सीटों में से 42 सीट्स जाती है जम्मू कश्मीर में जो मुस्लिम बच्चे हैं उनको सात सीटें जाती है हिंदू को जो जम्मू में है और एक सीट जाती है सिख कम्युनिटी को। तो इशू ये बना कि सबसे पहली बात है कि 42 वहां से अगर आ रहे हैं एक कश्मीर से एक धर्म से तो जम्मू के साथ भेदभाव क्यों कर रही है सरकार ? सवाल ये उठा उस वक्त। तो वो चीज जब आगे बढ़ी तो वहां के बच्चों ने थोड़ा बहुत इसके लिए संघर्ष चालू किया तो मैं यह समझता हूं कि जो जम्मू के कि हमें ये बताइए कि सलेक्शन हुआ कैसे?

इसका प्रोसीजर क्या था? ये नेशनल बेस पर हुआ है। स्टेट बेस पर हुआ है। हाउ इट हैज़ हैपेंड?

और ये चीज उनको समझ में नहीं आ रही थी कि उसमें से भी 42 बच्चे सिर्फ कश्मीर डिवीजन से आ रहे हैं। जम्मू डिवीजन से रिप्रेजेंटेशन बिल्कुल मिनिमम है। तो इस चीज का संघर्ष चालू हुआ था। हम तो ये तो बेसिकली मूल मुद्दा था इस संघर्ष का शुरू होने का।
तो जब ये इशू आगे बढ़ा तो लोगों ने यह कहना चालू शुरू कर दिया यह वैष्णो देवी शाइन बोर्ड में अगर हमारा जो चढ़ावा का पैसा है वो इस कॉलेज में लग रहा है तो हमारे हिंदुओं को या हमारे जम्मू के लोगों को आप क्यों वो कम दे रहे हो मतलब प्रायोरिटी कम दे रहे हो।
सुरभी जी अगर आप देखें गे कि जितने भी मुस्लिम कॉलेज ऑल ओवर इंडिया। आजकल तो हमारी जेएन के जम्मू एंड कश्मीर यूटी है सेंटर के तहत आता है। जो पॉलिसियां यहां पूरे हिंदुस्तान में चल रही है वैसे ही वहां पे भी चलेंग और वहां पे इंप्लीमेंट भी होंगी। अब जितने भी मुस्लिम कॉलेज आप देखेंगे यहां पे जैसे आप जामिया मिलिया में जाए, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में जाए, हमदर्द में जाए तो उसमें एक नॉर्म है।

वो नॉर्म क्या है?

उसमें 50% इंडिया में सरकारें हमारी तो वो यह कहते हैं कि हम 50% धर्म के आधार पर दाखिला देंगे मतलब जिसमें मुस्लिम्स होंगे 50% बाकी 50% बाकी समुदायों में डिस्ट्रीब्यूट होगा अब होता क्या है अगर इस 50% को भी पकड़ते हैं 50 में से तो 25 सीटें मुस्लिम को गई तो 25 तो जम्मू संभाग में आनी चाहिए। टेक्निकली तो यही है। अब जब ये चीज यहां पे जब एक बड़ा वो गड़बड़ी की गई तो लोगों ने बच्चों ने बेचारों ने वो बेचारे उठ के खड़े हो गए यार ये हमारे साथ नाइंसफी क्यों कर रहे हो?

मैं यही पूछना चाहूंगा शाइन बोर्ड का अप्रोच क्या है इसमें?
यह बिल्कुल साधारण सी बात है । शाइन का तो कोई कॉलेज है ही नहीं। शाइन क्या कर रही है आपकी? वैष्णो माता उनका आशीर्वाद सब पे है। हिंदू पर भी है, मुसलमान पर भी है, सिख पर भी है। इतनी बड़ी आस्था है हमारे देश में वैष्णो देवी जी की, माता की, वैष्णो माता की। ये हम तो ये नहीं कह रहे हैं मुस्लिम बच्चे अलग है और हमारे बच्चे अलग हैं। ये तो कह ही नहीं रहे हैं ना। बच्चे तो बच्चे हैं। चाहे मुस्लिम के हो, सिख के हो, हिंदू के हो।तो उनका जो रोल है, उन्होंने जो मैंडेट दिया है, उनका तो विचारों का रोल यही है। भाई यहां पे कोई काम हमें पैसा चाहिए। हम पैसा दे सकते हैं।यहां पे हमें जमीन चाहिए। वो जमीन दे सकते हैं। उसके लिए पैसा दे सकते हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा करना है। इसके लिए पैसा है। बाकी तो कॉलेज उनका है ही नहीं। उनका तो रोल ही नहीं है।

शाइन बोर्ड भी किसने तैयार किया?
स्टेट गवर्नमेंट ने तैयार किया शाइन बोर्ड। तो अगर आप यह देखेंगे उस हिसाब से यह तो पूरा ही स्टेट एडमिनिस्ट्रेशन का इशू है और ये लोग हाईलाइट करने की ये कोशिश कर रहे हैं। यह कह रहे हैं जी वैष्णो माता शव बोर्ड का पैसा इधर क्यों लगाया यह क्यों करा हमको बात वो है ही नहीं कहीं से कहीं तक बात तो ये है अगर मुझे आप बताइए अगर रिजर्वेशन पॉलिसी पूरी इंडिया में चलती है माइनॉरिटीज के लिए ईडब्ल्यूएस के लिए बैकवर्ड क्लास के लिए एससी के लिए एसटी के लिए तो आपने क्या उस प्रोटोकॉल को फॉलो किया।
तो आप ये चाहते हैं कि आपसे ये सवाल ना पूछे आप इसको अलग रंगत दे हिंदू मुसलमान हो गया हिंदू ने ये कह दिया मुसलमानों ने ये कह दिया जम्मू वालों ने जम्मू को तबाह कर रहे हैं ये कर रहे ये कैसा नरेटिव है |

जी हिंदू मुसलमान इसमें है क्या? जब डोनेशन हिंदू के ही जाते हैं शाइन बोर्ड में और उनहीं के कारण यूनिवर्सिटी चलती है?

मैं तो आज की तारीख में मैं तो बिल्कुल साफ कहूंगा यह कि आप यह चाहते हैं जम्मू ख्ते को हम अलग से फेंक दें अपना कश्मीर को हम आगे चलाएं। ठीक है जी चलो कश्मीर को भी आगे चलो कोई दिक्कत नहीं कश्मीर चल क्या रहा है मुझे बताओ कश्मीर में चल क्या रहा है चल रहा है कि आप जहादी ताकतों को खड़ा करते हो हम बिल्कुल रोजमर्रा की जिंदगी में आप देखते हैं हम सुबह शाम कभी छापे पड़ रहे हैं कभी कुछ हो रहा है कभी कोई मारा जा रहा है कभी कोई जम्मू में भी ये हालत हो गई हर एक दो दिन में एनकाउंटर चलते रहते हैं इन इश्यूज पे आप ध्यान नहीं देते हो बल्कि उल्टा काम कर दिया कि नहीं जी हमने हिंदू मुस्लिम करना है। आप नरेटिव सेट करते हो पूरी दुनिया में यहां पे इंडिया में मुसलमानों को तंग किया। देखो जी कश्मीर में क्या कर दिया उन्होंने आप वो नरेटिव सेट करते हो। तो इन चीजों पे अगर सवाल पूछा जाए सरकार से तो मुझे नहीं लगता सुरभ जी गलत पूछ रहे हैं। अब बच्चों ने गलती कर की अगर सवाल पूछा आपने लाठी चार्ज ठोक दिया। बच्चे यही करना चाहते थे ना राज्य में जाके गवर्नर साहब से मिलना चाहते थे अपनी समस्या को बताना चाहते थे आपने पूरी बैरिकेडिंग लगा के पुलिस बुला के फोर्स बुला के दनादन लाठी चार चालू कर दिया कुछ लड़कों के तो बेचारों की जबरदस्त गहरी चोटे भी आई है कुछ बच्चों के आपने सब वो देखा वो वीडियो भी देखा होगा आपने तो हम क्या कहना चाहते हैं देखिए हमें कोई पॉलिटिक्स नहीं करनी है इसमें हम कोई पॉलिटिस्ट कर भी नहीं रहे। हम यह भी नहीं कह रहे कि मुसलमानों के बच्चे हमारे बच्चे नहीं है। वो भी हमारे बच्चे हैं। लेकिन एक सिस्टम से तो चलो भाई अगर आपका ये इतना हिस्सा बनता है। हम तो कह रहे हैं हां ठीक है करो कोई बात नहीं। ये तो ऐसा दिन नहीं हो सकता ना जम्मू कश्मीर में।

मुसलमान को इग्नोर करेंगे हिंदू को लिख देंगे। उमर अब्दुल्ला इस चीफ मिनिस्टर जम्मू एंड कश्मीर ना। यस वही हम कह रहे हैं वही हम कह रहे हैं आप राजा है जम्मू कश्मीर के तो आपको प्रजा के साथ हर समुदाय को हर सेक्शन को ले चलना पड़ेगा उस ऊपर उसके उलट आप कर देते हैं मारो लाठी चार्ज कोई बात नहीं है करो जी सो देयर इज अ डिस्क्रिमिनेशन जम्मू बिकॉज़ जी बोलिए बोलिए जम्मू के साथ डिस्क्रिमिनेशन है एरिया वाइज भी जम्मू छोटा है जग्राफिकली भी अगर देखा जाए मुझे लगता है जम्मू को बड़ा छोटा है आप आप जोड़िए ना पूरा एरिया कशवार बद्रवा डोडा आप जब सबको जोड़ेंगे तो उससे बड़ा निकलेगा आप तो जम्मू को आपके दिमाग में बैठा दिया लोगों को जम्मू से रघुनाथ महाराज के इधर जम्मू में एक्जेक्टली पुछ है रजौरी है कश्तवार है बद्रवा है डोडा है आप देखिए रामबन है उधमपुर ही नहीं एक गलत नरेटिव ही सेट हो रहा है और कुछ नहीं हो रहा इनको सिर्फ अपनी सरकार इनको सिर्फ कुर्सी चाहिए हां क्योंकि अभी मैं ये एक स्टेटमेंट भी इनका आया था अब्दुल्ला का कि जम्मू के पास तो आईआईटी आईएम है कश्मीर के पास तो कुछ भी नहीं है
नहीं कश्मीर अच्छा मुझे एक चीज बताइए मैं आज एक सवाल पूछना चाहता हूं सुरभि जी आप मुझे ईमानदारी से जवाब देना आपको कुछ साल पहले की बात बात याद आएगी कुछ यहां पे माहौल ऐसा हो गया हिंदुस्तान में तो कुछ जब इन्होंने ये इस तरह के बयान देते हैं तो फिर रिएक्शन भी आते हैं। जब हिंदुस्तान में रिएक्शन आ गई इन्होंने उठा के रीजनल कॉलेज इंजीनियरिंग में वहां पर क्या कहते हैं हड़ताल की और बच्चों को पीट दिया जो हिंदू बच्चे थे जो हिंदू बच्चे थे वो पढ़ गए आपको याद है ना वो वो एपिसोड याद है ना सुरभ जी आपको तो मुझे बताओ ये क्या है भाई मतलब हमारे यहां के बच्चे तुम्हारे यहां कश्मीर में रीजनल इंजीनियरिंग में पढ़ने आते हैं जो ही कुछ आप ऐसे नैरेटिव सेट करते हैं हालात बिगड़ जाते हैं उसके बाद तो वो बच्चे बेचारे दर-बदर हो गए थे हम आपने वो हालत कर दी थी उनकी वहां पे तो आप डिफेंड क्या कर रहे हैं आप डिफेंड कर रहे हैं कि नहीं ये गलत है ये जो हिंदू कर रहे हैं हम कश्मीर में मुसलमानों को दबाने के लिए कर रहे हैं नहीं

तो आज हम तंत्र विज्ञान और आध्यात्मिकता पर आज हमने वैष्णो देवी का इशू दोबारा से उठाया है और उमर अब्दुल्ला जी कश्मीर भारत का ही हिस्सा है। कश्मीर और जम्मू भी एक ही है। तो आपको यह सोचना पड़ेगा कि जम्मू भी आपका ही है। आप उसके भी मुख्यमंत्री हैं और कश्मीर के भी मुख्यमंत्री है। ये दो अलग-अलग चीजें नहीं है। और यह दोनों भारत का मुकुट है और ये दोनों भारत का ही हिस्सा है। तो ऐसी डिबेट्स को देखने के लिए आप हमेशा नो फिल्टर को देखते रहिए और भारत मेरे साथ को सब्सक्राइब करते रहिएगा। बहुत-बहुत धन्यवाद। थैंक यू वेरी मच। जय हिंद।

Note: – शो पर बोली गयी कोई भी बात चैनल के द्वारा लिखित नहीं है जो भी अतिथि या प्रवक्ता बात कर रहे हैं वो उनके खुद की विचारधारा हैं भारत मेरे साथ चैंनल उसके लिए जिम्मेदार नहीं है।

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