क्या लड़कियां हैं पराया धन ?
डॉक्टर नीलम राठी का कहना हैं की ऐसे समाज में बहुत सारे वर्ग है और अलग अलग लड़कियों की शादी करके अलग अलग घर में जाना होता है।उन लड़कियों को दूसरे के घर में जाकर अपना परिवार बसाना होता है, इसलिए उनको सभी लोग पराया धन कहते हैं।क्योंकि जहाँ जन्म लेती है वो उनके मायका हो जाता है। उनके माता पिता का घर हो जाता है जहाँ जाती है अपने पति के घर तो उनका ससुराल होता है, उनका घर नहीं होता है इसलिए उनको पराया धन कहते हैं लेकिन उसकी शादी कर दें और उसके माता पिता उनको किसी और के सहारे छोड़ दें। ऐसा हमारे भारतीय समाज में नहीं है।उनके देख रेख करना उनके विषय में जानना उस परिवार को देख रेख करना। ये उस बेटी की देखरेख करना या उस लड़की की देखरेख करना दोनों परिवारों को कर्तव्य बनता है। लड़की के ससुराल पक्ष का भी और उनके माता पिता के पक्ष का थे तो इसलिए हमारे समाज में भारतीय समाज में लड़कियां कभी भी पराया धन नहीं रही।लेकिन एक बोलचाल के उसमें कह देते हैं की बेटियां पराया धन है।
Note: – शो पर बोली गयी कोई भी बात चैनल के द्वारा लिखित नहीं है जो भी अतिथि या प्रवक्ता बात कर रहे हैं वो उनके खुद की विचारधारा हैं भारत मेरे साथ चैंनल उसके लिए जिम्मेदार नहीं है।
क्या लड़कियां हैं पराया धन ?
RELATED ARTICLES




