नाहर सिंह बाबा ( भूमिया जी ) का इतिहास क्या है ?
ऐसा माना जाता है की भारत के समस्त भूमिया बिष्नु जी के शेषा अवतारों में आते हैं। और भूमिया वो होतव हैं जो रणभूमि में युद्ध लड़ते समय यदि धड़ से गर्दन अलग हो जाये और हाँथ से हथियार न छूटे और वो फिर भी युद्ध लड़ता रहे। और किसी योद्धा के टोकने पर वो यथा स्थिति पर रुक जाये वो भूमिया होते हैं।। भूमिया जो हैं परोपकार के लिए अपने शरीर को बलिदान कर देते हैं। और किसी भी आपदा को दूर कर देते है।
और ऐसा भी कहा जाता है कि यदि कोई नाहर सिंह बाबा भूमिया जी के दर्शन के लिए आता है उसके ऊपर कोई बंधन पितृ दोष देवताओं के बंधन इतय्दी जो होते है सब छूट जाते हैं।।

नाहर सिंह बाबा भूमिया जी का स्वाभाव कैसा है ?
नाहर सिंह बाबा का जो स्वाभाव है वो तामस है क्यूंकि ये क्षत्रिय वंशज घराने से हैं। और आज भी ये करुणा निदान दयालु हैं। भूमिया जी तामस के साथ साथ इतने दयालु हैं कि इनके 7 बार दर्शन कर लो आपकी जो मनोकामना होगी पूर्ण हो जाये गी। ऐसा भी कहा जाता है कि जयपुर के लोग अक्सर पितृ दोष निवारण के लिए और पितरों कि रात जगाने के लिए सबसे पहले नाहर सिंह बाबा भूमिया जी के यहाँ आते हैं।। और इनको निमंत्रण देते हैं। और जो पत्री बनवाते हैं वो इनके पास रखते हैं फिर उसको घर ले जा कर पितरों कि रात जगाते हैं।।
नाहर सिंह बाबा भूमिया जी को भोग में क्या क्या चढ़ाया जाता है ?
इनके भोग में विशेष कर सब कुछ लगा सकते हैं। पर ज्यादातर इनको खीर, चूरमा , चूरमा बाटी, दाल बाटी, कलाकंद,और खुशबु के लिए इत्र है। यानि कि इनके भोग में रमणीक चीज आमानिया या उजली जिसको कहते हैं। ऐसी चीजों का भोग इनको लगता है। और तामस देव की गिनती में आते हैं तो इसलिए इनके साथ जो रहते हैं उनको चुनने के लिए मदिरा का भी भोग लगता है।।
अधिक जानकारी के लिए नीचे दी गए लिंक को क्लिक करे और पूरा इंटरव्यू देखें।
Note: – शो पर बोली गयी कोई भी बात चैनल के द्वारा लिखित नहीं है जो भी अतिथि या प्रवक्ता बात कर रहे हैं वो उनके खुद की विचारधारा हैं भारत मेरे साथ चैंनल उसके लिए जिम्मेदार नहीं है।




