विषय:- गुप्त साधना क्या होती है ?
सीरीज़ :- सही क्या है ?
अतिथि:- सिद्धार्थ शंकर गौतम
शीर्षक:-अघोरियों की और नागा साधुओं की जो साधना होती है वह एक गुप्त साधना होती है। इससे काला जादू कोई लोग कहते हैं लेकिन यह एक तंत्र विज्ञान है परंतु इससे लोग नकारात्मक भाव से लेते हैं तो यह साधना किस आधार पर होती है?
सनातन धर्म में नवरात्रि चार बार होती है जिसमें से दो गुप्त नवरात्रि होती है और गुप्त नवरात्रि में माँ बगलामुखी के 10 महाविद्याओं की गुप्त रूप से साधना की जाती है। और मध्यप्रदेश उज्जैन के पास एक स्थान नलखेड़ा है जहाँ बगलामुखी माता का प्राकट्य स्थल माना जाता है और बड़ा ही ये सिद्धपीठ है।तंत्रविद्या के लिए बड़ा प्रसिद्ध पीठ है और इस स्थान पर गुप्त नवरात्रि में तंत्र साधुओं का आवागमन लगा रहता। बड़ी तादात में यहाँ पर तंत्र साधक आते हैं।ऐसे ही माँकामाख्या असम में, कामरूप में वहाँ पर भी तंत्र साधकों की बड़ी भीड़ रहती है।और गुप्त साधना करने का अधिकार भी वही व्यक्तियों का है जिसने इस नश्वर संसार के सत्य को समझकर स्वयं आत्मा को परमात्मा से जोड़ने का उपक्रम किया है।तो यदि गुप्त साधना वो कर रहे हैं तो उसका सम्मान रखना चाहिए, उसका सम्मान साधकों का करना चाहिए।यदि कोई साधक गुप्त साथ में रखना चाहता है तो उसको ही रहना चाहिए। उस पर किसी प्रकार का छेड़छाड़ नहीं करना चाहिए।कई साधनाएं ऐसी होती है जो यदि गृहस्थ व्यक्ति पारिवारिक व्यक्ति करें तो उनका दुष्परिणाम उसके परिवार को भी भुगतना पड़ता है।
और जब नागा साधु और अघोरी साधना करते हैं तो वो इस जगत के कल्याण के बहुत से जुड़कर साधना करते हैं क्योंकि उनके लिए पूरा जगह थी, उनका परिवार है, वो साधना करते हैं। अपनी मुक्ति के लिए देह तो वो पहले ही एक तरह से त्याग चूके हैं। इस प्रकार उन्होंने आत्मविश्वास और पिंडदान स्वयं के हाथों कर दिया। उसी दिन से उनकी इतने नश्वर हो गई। तो उनकी साधना में और पारिवारिक व्यक्ति की साधना में बहुत अंतर होता है उनकी साधना संसार के कल्याण के लिए अप पारिवारिक साधना स्वयं के कल्याण के लिए होती है तो पारिवारिक व्यक्ति को यह साधना नहीं करना चाहिए।
Note: – शो पर बोली गयी कोई भी बात चैनल के द्वारा लिखित नहीं है जो भी अतिथि या प्रवक्ता बात कर रहे हैं वो उनके खुद की विचारधारा हैं भारत मेरे साथ चैंनल उसके लिए जिम्मेदार नहीं है।




