विषय:- होम्योपैथिक कई गंभीर उपचारों में कैसे सफल है?
सीरीज़ :- डॉक्टर
अतिथि:- डॉ विजय
शीर्षक:- होम्योपैथिक कितनी लंबी और गंभीर बीमारियों में सफल कैसे होता है?
नमस्कार, भारत मेरे साथ चैनल की सीरीज डॉक्टर में आप सभी दर्शकों का हार्दिक स्वागत है। तो इस सीरीज में आज भारत मेरे साथ चैनल से सुरभि सप्रू बात करें गी डॉ विजय से। की होम्योपैथिक में किस तरीके से रोगी के रोग को पकड़ा जाता है।होम्योपैथी चिकित्सा की सबसे पुरानी प्रणालियों में से एक है, यह केवल लक्षणों पर ही नहीं, बल्कि व्यक्ति के समग्र उपचार पर केंद्रित है । जहाँ आधुनिक चिकित्सा अक्सर तत्काल राहत पर केंद्रित होती है, वहीं होम्योपैथी का उद्देश्य मूल कारण को दूर करना होता है, जिससे दीर्घकालिक सुधार होता है। आज कई मरीज़ होम्योपैथी की ओर रुख कर रहे हैं।
होम्योपैथी में डॉक्टर रोगी के लक्षण कैसे पहचानते हैं ?
होम्योपैथी में डॉक्टर के पास जब रोगी आता है तो उससे कुछ बातें जान लेनी पड़ती है। रोग के विषय में की उसको किस प्रकार की समस्या हो रही है? जैसे कि रोगी पानी को लेकर रोगी कितना ज्यादा पानी पीता है, कितना कम पानी पीता है, इत्यादि बाते से।
इससे लक्षण को पता लग जाता है और होम्योपैथी के अनुसार कम से कम 20 से 22 लक्षण डॉक्टरों के द्वारा पूछे जाते हैं। उन लक्षणों को पूछने के बाद फिर हम पैथी में एक दवा का चयन करते हैं, उस रोगी के लिए जो हमारी मटेरिया मेडिका में 17 से 18 दवाइयां आती हैं ।एक रोगी के लिए तो उससे एक दवा का चयन करके दिया जाता है। होम्योपैथी के अनुसार तब रोगी को उससे आराम मिल जाता है।
मेडिकल कैंपों में ज्यादातर कौन से मरीज आते हैं और उनकी समस्याएं क्या क्या होती है?
मेडिकल कैंपों में ज्यादातर रोग की जो होम्योपैथिक के पास आते हैं उनका होता हैं एसिडिटी, थायरॉयड और अर्थ थायराइड की ज्यादा होते हैं। हड्डियों से संबंधित और जैसे स्त्रियों की जो समस्या होती है उसके मरीज भी ज्यादा आते हैं और हमारे होम्योपैथिक के अंदर जो दवाइयां दी जाती है वो दवाइयां ज्यादातर सिम्टम्स को देखकर दी जाती हैं। उनके आधार पर दी जाती है होम्योपैथिक रोग का इलाज नहीं, रोगी का इलाज करता है।
Note: – शो पर बोली गयी कोई भी बात चैनल के द्वारा लिखित नहीं है जो भी अतिथि या प्रवक्ता बात कर रहे हैं वो उनके खुद की विचारधारा हैं भारत मेरे साथ चैंनल उसके लिए जिम्मेदार नहीं है।




