विषय:- कश्मीरी हिन्दुओं का संघर्ष !
सीरीज़:- Live // No Filter
अतिथि:- राकेश हांडू
शीर्षक:- नमस्कार भारत मेरे साथ चैनल की सीरीज़ Live // No Filter में आप सभी दर्शकों का स्वागत है। भारत मेरे साथ चैनल से सुरभि सप्रू जी आज कश्मीर के कश्मीरी पंडित राकेश हांडू जी से कश्मीरी हिन्दुओं का संघर्ष के विषय पर बातचीत करेंगी कि कैसे वहाँ के हिन्दू सन १९९० में कश्मीर छोड़ कर दूसरे राज्यों में जाकर रुके थे और उनके साथ कश्मीर के मुस्लिम समुदाय के लोगों के द्वारा कश्मीरी पंडितों के साथ दुर्व्यहार किया गया था कि किस तरह से लोगो को मारा गया था। तब कश्मीरी ब्राह्मण जम्मू आये और वहाँ के डोगरा समाज के लोगो ने उनका साथ दिया। एक और इन सभी को रुकने के लिए गीता भवन जम्मू का स्थान मिला जहाँ पर ये सभी कश्मीरी हिन्दू आकर रुक सकें। इसके साथ ही सभी लोगो का एक संघर्ष शुरू होगया कि महिलाओं के लिए ,जो बच्चे अपनी शिक्षा छोड़ कर आये थे उनकी आगे की शिक्षा और जहाँ जहाँ पर लोगो को रोकना था उनको रोका जाना। और कश्मीर से रोज कोई न कोई खबर भी आती थी कि जो नहीं निकल पाए उसमे इनको मार दिया गया। उसके बाद फायर हम लोग प्रत्येक दिन कोई न कोई आंदोलन करते थे और उस आंदोलन में मुक्ति मोहम्मद सहीद , वीपी सिंह हाय हाय के नारे लगाते हुए मशाल जुलुश निकालते थे और जब ये जुलुश निकलने तब सरकार की लाठियां भी खानी पड़ती थी।
फिर उसके बाद आंदोलनकरियों के खिलाफ वारेन्ट्स निकलने लगे और धीरे धीरे अख़बारों में फोटो और नाम छपना शुरू होगये।
तो सुरक्षा कर्मियों को कश्मीर भेजे गए जिनको वहां के रस्ते नहीं मालूम थे। क्योंकि वहां पर संस्कृति चुनौती है। क्योंकि वहां पर जो भी सुरक्षा कर्मी आये थे वो सभी दूसरे जगह थे। एक बात और भी है कि जो इस घटना को संभल रहे थे जिसमे बीएसएफ से बीएम काबू आर्मी कॅप्टन श्री योगेंद्र कर्नल टिक्कू साहब इन लोगो को भेजा तो इन लोगो ने कश्मीरी पंडितों के साथ हो रहे नरसंहार को रोकने के लिए पूरा योगदान दिया।
इन सभी बातों को कश्मीर में हुयी सन 1990 कश्मीरी पंडितो के साथ हुए नरसंहार को जानने के लिए भारत मेरे साथ चैनल के माध्यम से कश्मीरी घटना के चश्मदीद राकेश हांडू जी के द्वारा तो आप लोग नीचे दिए गए भारत मेरे साथ चैनल की सीरीज़ Live // No Filter में के लिंक को क्लिक करें करो चैनल को लाइक, सब्सक्राइब,शेयर और कमैंट्स करें।




