Monday, January 26, 2026
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स्त्री विमर्श स्त्री चिंतन अखिल भारतीय साहित्य परिषद महिला साहित्यकार सम्मलेन वड़ताल |

विषय:- स्त्री विमर्श स्त्री चिंतन अखिल भारतीय साहित्य परिषद महिला साहित्यकार सम्मलेन वड़ताल
सीरीज़:- साहित्य धारा
अतिथि:- डॉ सुजाता मिश्रा
स्थान:- स्वामी नारायण मंदिर वड़ताल अहमदाबाद गुजरात
शीर्षक:- नमस्कार भारत मेरे साथ चैनल की सीरीज़ साहित्य धारा में आप सभी दर्शकों स्वागतः है। साहित्य धारा सीरीज़ में भारत मेरे साथ चैनल हिंदी साहित्य, भाषा, बोली, संस्कृत, शब्द, लेखनी इत्यादि विषय पर बात की जाती है। भारत मेरे साथ चैनल से सुरभि सप्रू स्वामी नारायण मन्दिर वड़ताल गुजरात में महिला साहित्यकार सम्मेलन में भाग लेने के लिए आयी हैं। और महिला साहित्यकार सम्मेलन में कई राज्य और प्रदेश से आयी हुयी कवित्रियोँ से स्त्री विमर्श और स्त्री चिंतन और साहित्य के विषय पर चर्चा करेंगी। इस वक्त महिला साहित्यकार सम्मेलन में आयी हुयी डॉ सुजाता मिश्रा जो सागर मध्य प्रदेश से हैं। आज इनसे बात होगी स्त्री की अस्मिता पर और युवाओं की जो समस्या है जो युवाओं को हमेशा से गलत ठहराया जाता है। कि वो शादी नहीं कर रहे है वो बच्चे नहीं कर रहे हैं और अपने माता पिता की सेवा नहीं कर रहे हैं?
वही पर डॉ सुजाता मिश्रा जी कहती हैं कोई उन बच्चो से जानने की कोशिश की कि वो इन सब से दूर क्यों भाग रहे हैं।

प्रश्न:- स्त्री की अस्मिता पर आपकी विचारधारा क्या है ?
उत्तर:- मैं मानती हूँ कि जब अस्मिता की बात आती है तो स्त्री और पुरुष को अलग करके नहीं देखना चाहिए। जैसे पुरुष का एक व्यक्तित्व एक अस्तित्व है वैसे ही स्त्री का भी अस्तित्व है और स्त्री का भी पूरा अधिकार है कि वो अपने सपने पूरे करे अपनी इच्छा से रह सके।
लेकिन यहाँ पर अपनी इच्छा का मतलब हमेशा हम नकरात्मक क्यों लेते हैं ?

सब स्त्रियां नकरात्मक नहीं सोचती हैं। समाज में कुछ लोग हैं जो वो हर समाज में होते हैं नकरात्मक सोचने वाले।
क्योंकि कुछ स्त्रियाँऐसी भी हैं जो अपने सपने भी पूरे कर रही हैं साथ में परिवार भी संभल रही हैं और अपना गृहस्थ जीवन भगी देख रही हैं। और मैं मानती हूँ कि पुरुष की तरह स्त्रियों का भी पूरा अधिकार है। और मिलना भी चाहिए उन्हें बिना किसी पूर्वाग्रह कि वो अपने सपनो को पूरा कर सके। स्त्री और पुरुष में सिर्फ लैंगिग भेद है लेकिन देख जाए तो भारतीय दृष्टि और आध्यात्मिक दृष्टि से तो कोई भी भेद नहीं है। और हम सभी को भी भेदभाव नहीं करना चाहिए।

नोट:- सुरभि सप्रू और डॉ सुजाता मिश्रा से स्त्री विमर्श और स्त्री चिंतन पर पूरी सुनने के लिए नीचे दिए गए भारत मेरे साथ चैनल के लिंक को क्लिक करें और चैनल को लाइक, सब्सक्राइब, शेयर जरूर करें।।

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