Home Green Speak पर्यावरण विकास के लिए कौशल और दृष्टिकोण |

पर्यावरण विकास के लिए कौशल और दृष्टिकोण |

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पर्यावरण विकास के लिए कौशल और दृष्टिकोण |

विषय:- पर्यावरण विकास के लिए कौशल और दृष्टिकोण
सीरीज़:- ग्रीन स्पीक
अतिथि:- केंद्रीय विद्यालय के प्रधानध्यापक
शीर्षक:- नमस्कार भारत मेरे साथ चैनल के ग्रीन स्पीक सीरीज़ में आप सभी दर्शकों का स्वागत करते हैं। आज इस सीरीज में भारत मेरे साथ चैनल की संचालिका सुश्री सुरभि सप्रू जी केंद्रीय विद्यालय टैगोर गार्डन दिल्ली में वन महोत्सव का पर्व में केंद्रीय विद्यालय प्रधानाध्यापक से पर्यावरण विकास के लिए कौशल और दृष्टिकोण पर विशेष बातचीत करेंगी। केंद्रीय विद्यालय टैगोर गार्डन दिल्ली को एनिमल वेलफेर बोर्ड ने वन महोत्सव पर 500 वृक्ष देने का कार्य किया है। और एनिमल वेलफेर बोर्ड सभी केंद्रीय विद्यालय के साथ मिल कर पर्यावरण विकास के लिए काम कर रही रही।

प्रश्न:- आज की पीढ़ी को वृक्षों के विषय में जानकारी देना कितना आवश्यक है ?
उत्तर:- आज हम आपको जानकारी आपके चैनल भारत मेरे साथ के माध्यम से देना चाह रहा हूँ कि हम लोग ससत विकास की बात करते हैं। इसीलिए बच्चों को ससत विकास को विभिन्न रूप में पढ़ाया जा रहा है जिसमे सिर्फ उत्थान नहीं होना है। विकास और पर्यावरण में थोड़ा सा विपरीत रिश्ता है। जब विकास होता है तो पर्यावरण के आधार पर होता है। लेकिन ससत विकास में ऐसा उत्थान किया जाना है। जिससे की पर्यावरण का सुरक्षा हो क्योंकि एक पर्यावरण का ले जाने की क्षमता होती है। यदि हम नुकसान करते हैं तो कितना नुकसान करते हैं उसकी सुरक्षा करने की क्षमता होती है यदि प्रदुषण होता है तो उसको पचने की शक्ति है। इस समय बहुत तेज़ी से विकास हो रहा है और पर्यावरण को क्षति लगातार किया जा रहा है। यदि यह बच्चे जब तक जागरूक नहीं होंगे तब तक हम ससत विकास को असली रूप में नहीं ला सकते हैं।
इसी लिए वृक्ष लगाना बहुत ही महत्व पूर्ण है। जिससे पर्यावरण सुरक्षित बना रहे और किसी प्रकार का कोई भी नुकसान न हो।

नोट:- पर्यावरण विकास के लिए कौशल और दृष्टिकोण पर सुरभि सप्रू और केंद्रीय विद्यालय के प्रधानाध्यापक जी के द्वारा विशेष बातचीत को देखने और सुनने के लिए नीचे दिए भारत मेरे साथ चैनल लिंक को क्लिक करें और चैनल को लाइक, शेयर, सब्सक्राइब जरूर करें।

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