विषय:- रत्न विशेषज्ञ
सीरीज:- सही क्या है ?
अतिथि:– श्री पुनीत भोला
शीर्षक:- नमस्कार भारत मेरे साथ चैनल के सही क्या है ? सीरीज़ में आप सभी दर्शकों का स्वागत है। जानकारी के लिए आपको बता दें कि इस सीरीज़ में हमारे धर्म संस्कृति सनातन धर्म ज्योतिष मंदिर इतय्दी से जुडी ही जितनी भी जानकरी है उसको हम दर्शाते हैं।
इस सीरीज़ में बात करेंगी भारत मेरे साथ चैनल की संचालिका सुश्री सुरभि सप्रू अतिथि रत्न विशेषज्ञ श्री पुनीत भोला जी से। जो रत्न के विषय में बात करेंगे और पुनीत भोला जी ज्योतिष में भी इनका बहुत अच्छा योगदान है। साथ ही साथ में पुनीत भोला जी सामाजिक कार्य करते रहते हैं ये दिल्ली से ही हैं। आज इनसे रत्न और ज्योतिष विषय पर चर्चा की जाए गी।
प्रश्न:- रत्न विशेषज्ञ और ज्योतिष का क्या सम्बन्ध है ?
उत्तर:- पुनीत भोला रत्न विशेषज्ञ हैं क्योंकि सन २००४ में जेमोलॉजी की पढ़ाई की थी। जिसमे की रत्नो के अंदर और ज्योतिष के अंदर कयता एक दूसरे के साथ समानता है क्योंकि हम जोहरी हैं। और पिछले 25 वर्षों से ज्योतिष के क्षेत्र में ज्योतिषियों की सेवा करता आरहा हूँ रत्नो के माध्यम से और अपने अंगूठियों पेंडेंट लाल किताब वास्तु इसमें क्योंकि हमारा सम्बन्ध जोहरी के साथ साथ ज्योतिषियों से साथ ऐसा है जैसे डॉक्टर और केमिस्ट का होता है।
इतय्दी ——————-



प्रश्न:- रत्न कितने प्रकार के होते हैं ?
उत्तर:- रत्न जो हैं वो 84 प्रकार के होते हैं जिसे कहते हैं रतन और नवरत्न होते हैं जिसमे नौ प्रमुख हैं।
पन्ना, हीरा , मोती , पुखराज, माणिक, मोंगा, लहसुनिया, नीलम, गोमेद।
यह हो गए नौरत्न और 84 होगये रतन जिसके अंदर आप देखें गें। कि उसमे आपको मिलेंगे पेरीडॉट है। जो उसके उपरत्न है सब्सिट्यूट में आते हैं उनको भी पहने जाते हैं।
इतय्दी ————
प्रश्न :- रत्न पहनने की प्रक्रिया क्या है ?
उत्तर:- रत्न पहनने की जो प्रक्रिया है वो यह है कि इनको पहनने का भी एक दिन होता है कौन सा रत्न किस दिन पहने । जैसे कि पन्ना रत्न को बुधवार को पहना जाता है पुखराज रतन को गुरुवार को नीलम रत्न को शनिवार , मोती रत्न को सोमवार को ऐसे ही सभी रत्नो के दिन है। यदि रत्न को एक बार पहन लिया तो उसे उतारीय गा नहीं आपके मन में यदि कोई ऐसी भ्रान्ति आती है जैसे कि शुद्ध अशुद्ध की तो आप इन भ्रांतियों को नहीं माने।
यदि आपने रत्न धारण कर लिया तो हमेशा के लिए ग्रहण कर लिया बीएस ज्योतिष से इतना पूछना है कि इस रत्न को कितने वर्षों तक धारण करना है।
नोट :- भारत मेरे साथ चैनल की सुश्री सुरभि सप्रू जी और पुनीत भोला जी की रत्नो और ज्योतिष पर पूरी चर्चा के लिए नीचे दिए गए चैनल लिंक को क्लिक करें और पूरा सही क्या है एपिसोड को देखें।।




