09 जनवरी से 11 जनवरी 2026 मॉर्डन स्कूल मंडी हाउस दिल्ली

स्वामी हरिदास तानसेन संगीत से कोई भी अपरिचित नहीं हैं। सौभाग्य से, हम में से किसी भी जानकार, संरक्षक या छात्र को गुरुकुलों के बाहर खड़े होकर उस स्वर्गीय अमृत की प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ी, जो हमारे सूखे कानों को भिगो दे। अचूक गुरु हमें अपने शिष्यों में रत्न दे गए हैं, जिन्होंने अनंत अग्नि को बनाए रखा और हमारे जीवन को उस धर्म की मधुर प्रवाहिता से समृद्ध किया, जिसमें कोई सीमाएँ नहीं हैं – संगीत। ये शिष्य अपने भाग्य में अग्नि को जीवित रखते हैं और और अधिक शिष्यों को प्रशिक्षित करते हैं ताकि वह विरासत को आगे बढ़ा सकें। यही गुरु-शिष्य परंपरा है। 1971 में शुरू और 2000 में पुनः शुरू हुई यह महोत्सव हमारी यह अनवरत प्रयास और अनंत श्रम है कि इस परंपरा को जीवित रखा जा सके। स्वामी हरिदास संगीत नृत्य महोत्सव हमारे विनम्र प्रयास है कि हम संत संगीतज्ञ और उन अनगिनत अन्य संगीत गुरुओं की श्रद्धांजलि अर्पित कर सकें, जिन्होंने अपने शिष्यों में अद्वितीय प्रतिभा के बीज बोए, जो अब अपने अधिकार में संगीत के गुरु हैं। यह स्वामी हरिदास तानसेन संगीत नृत्य महोत्सव उत्कृष्ट कथक नर्तकी सुश्री उमा शर्मा की मस्तिष्कपुत्रिका है, जिसका लक्ष्य लोगों के जीवन को समृद्ध करना है।महोत्सव की जड़ें ब्रिंदावन के संगीत नगर में हैं, जब प्रतिष्ठित धार्मिक गुरु श्री गोपाल जी ने श्रीमती शर्मा को इस धरोहर को पुनर्जीवित करने और इसे सांस्कृतिक ‘नवजागरण’ एवं संगीत मूल्यों की पुनर्स्थापना की दिशा में फैलाने की सलाह दी। 2000 से, यह महोत्सव दिल्ली की सांस्कृतिक राजधानी मेंहो रहा है। इस स्वामी हरिदास तानसेन संगीत नृत्य महोत्सव में आये हुए जानेमाने कलाकार अपनी प्रस्तुति दे रहे हैं।
पद्म भूषण और ग्रैमी पुरस्कार विजेता पंडित विश्व मोहन भट्ट (मोहन वीणा)
तांत्रिक सम्राट पंडित सलील विश्व मोहन भट्ट (सात्विक वीणा)
उस्ताद शुजात खान (सितार)
विदुषी अश्विनी भिदे देशपांडे (वोकल)
उस्ताद अमान अली बंगाश (सरोद)
पंडित उल्हास काशलकर (वोकल)
पंडित हरिप्रसाद चौरसिया (बांसुरी)
उमा शर्मा (कठक)
पंडित राहुल शिवकुमार शर्मा (संतूर)
बेगम परवीन सुल्ताना (वोकल)
इनके साथ में २२ साल से स्वामी हरिदास तानसेन संगीत नृत्य महोत्सव अपनी एक जगह बना कर प्रस्तुति दे रहे है पदम् विभूषण से सम्मानित स्व.छन्नूलाल के सुपुत्र श्री रामकुमार मिश्रा जी तबले के साथ में…….
स्वामी हरिदास तानसेन संगीत नृत्य महोत्सव के प्रथम दिन की प्रथम प्रस्तुति में पद्म भूषण और ग्रैमी पुरस्कार विजेता पंडित विश्व मोहन भट्ट (मोहन वीणा), पंडित सलील भट्ट (सात्विक वीणा) के साथ में थे श्री रामकुमार मिश्रा और इनके सुपुत्र श्री राहुल छन्नूलाल मिश्रा जी तबले के साथ।
इनकी प्रस्तुति देखने के लिए भारत मेरे साथ चैनल के लिंक को क्लिक करे।




