विषय: – स्त्री विमर्श स्त्री चिंतन अखिल भारतीय साहित्य परिषद महिला साहित्यकार सम्मलेन वड़ताल
सीरीज़:- साहित्य धारा
अतिथि:- डॉ रीता सिंह सर्जना
स्थान:- स्वामी नारायण मंदिर वड़ताल अहमदाबाद गुजरात
शीर्षक:- नमस्कार भारत मेरे साथ चैनल की सीरीज़ साहित्य धारा में आप सभी दर्शकों स्वागतः है। साहित्य धारा सीरीज़ में भारत मेरे साथ चैनल हिंदी साहित्य, भाषा, बोली, संस्कृत, शब्द, लेखनी इत्यादि विषय पर बात की जाती है। भारत मेरे साथ चैनल से सुरभि सप्रू स्वामी नारायण मन्दिर वड़ताल गुजरात में महिला साहित्यकार सम्मेलन में भाग लेने के लिए आयी हैं। और महिला साहित्यकार सम्मेलन में कई राज्य और प्रदेश से आयी हुयी कवित्रियोँ से स्त्री विमर्श और स्त्री चिंतन और साहित्य के विषय पर चर्चा करेंगी। इस वक्त महिला साहित्यकार सम्मेलन में आयी हुयी डॉ रीता सिंह सर्जना जो असम से हैं। और इनकी लिखने की विद्या है कहानियां लघु, कथाएँ, कविताएँ और शोध पत्र ये प्रस्तुत भी करती हैं।
प्रश्न:-महिला साहित्यकार सम्मेलन का अनुभव आपका कैसा रहा है ?
उत्तर:- महिला साहित्यकार सम्मेलन वड़ताल का बहुत ही अच्छा अनुभव रहा है। यहाँ अखिल भारतीय सह्गीत्या परिषद वड़ताल अहमदाबाद में भारत के विभिन्न राज्यों से यहाँ पर महिलाये आयी हुयी हैं और मैं भी असम से आयी हूँ और हमारे पूर्वोत्तर भारत के नागालैंड और असम से 10 -12 महिलाएँ महिला साहित्यकार सम्मेलन में आयी हुयी हैं। और हम सभी को यहाँ पर आकर काफी कुछ सीखने और समझने का अवसर प्राप्त हुआ है।
प्रश्न:- महिलाओं को जागरूक करने के लिए असममें साहित्य को लेकर कैसे काम कर रही हैं ?
उत्तर:- मैं डॉ रीता सिंह सर्जना तेजपुर असम में रहती हूँ। और पूर्वोत्तर हिंदी साहित्य अकादमी नमक एक संस्था को चलती हूँ और इस संस्था के द्वारा हम हिंदी साहित्य और हिंदी भाषा के माध्यम से हमारे पूर्वोत्तर में जितनी भी असमीय भाषा है वहां की साहित्य संस्कृति को लेकर हम काम कर रहे हैं और हिंदी भाषा में लिखते भी हैं और अब सभी लोग मिलजुल कर महिलाएँ आपस में हिंदी भाषा ऊपर साहित्य को सिख रही हैं और उसे लेकर काफी आगे बढ़ रही हैं।
नोट:- सुरभि सप्रू और डॉ रीता सिंह सर्जन तेजपुर असम से स्त्री विमर्श और स्त्री चिंतन और भाषा पर पूरी चर्चा सुनने के लिए नीचे दिए गए भारत मेरे साथ चैनल के लिंक को क्लिक करें और चैनल को लाइक, सब्सक्राइब, शेयर जरूर करें।।




