विषय:- सावन मेला दूधेश्वर नाथ मंदिर गाज़ियाबाद
सीरीज़:- Live // 29 जुलाई 2024
शीर्षक:- नमस्कार भारत मेरे साथ चैनल में आप सभी दर्शकों का स्वागत है। आज का विषय ये है कि सावन के महीने में भगवान शिव जी को किस तरह से किस भक्ति भाव से पूजा अर्चना होती है। और पूरे मंदिर प्रांगण के दर्शन भी भारत मेरे साथ चैनल के मंदिर के महंत नारायण गिरी जी महाराज और वहां के श्रद्धलुओं के द्वारा की जाती है ।
आपको एक मंदिर के विषयो में बताना चाहूंगा की इस मंदिर का इतिहास त्रेता युग से जुड़ा हुआ बताया जाता है की लंका के राजा रावण के पिता ऋषि विश्वेश्रवा ने इस मंदिर का निर्माण किया था और रावण और उसके कुल के सभी लोग यहाँ पर पूजा आराधना किया करते थे।
यह स्थान दिल्ली के मध्य ग़ाज़ियाबाद उत्तर प्रदेश में स्थित है बहुत ही प्रसिद्द मंदिर जो अपने आप में ऐतिहासिक महत्व रखता है। जिसको सभी श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव के नाम से जानते है। स्वयंभू (जो स्वयं प्रकट हुए )श्री दूधेश्वर नाथ शिवलिंग का कलयुग में प्राकट्य सोमवार , कार्तिक शुक्ल ,वैकुन्ठी चतुर्दशी संवत् 1511 वि० तदनुसार 3 नवंबर ,1454 ई० को हुआ था | इस दिव्य लिंग की ही तरह कलियुग में इसके प्राकट्य की कथा भी बड़ी दिव्य है | अभी श्री दूधेश्वरनाथ महादेव मठ मंदिर के 16th पीठाधीश्वर श्री महंत नारायण गिरी जी है |
कलियुग में प्राकट्य पूर्व ग्राम्य क्षेत्र कैलाश का अपभ्रंश कैला गाँव श्री दूधेश्वर नाथ महादेव ज्योतिर्लिंग के निकट ही है | पुराणों में वर्णित हरनंदी (हिन्डन ) आज भी पास ही बहती है | यह सिलसिला त्रेता युग से आज तक निरंतर जारी है |
श्री दूधेश्वर नाथ महादेव ज्योतिर्लिंग मंदिर का पूर्ण भक्ति और पूजा अर्चना देखने के लिए नीचे दिए गए लिंक को क्लिक करें और भारत मेरे साथ चैनल को लाइक, शेयर, सब्सक्राइब, और कमैंट्स जरूर करें




