Monday, January 26, 2026
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सनातन धर्म और मंदिरों का नवीनीकरण |

विषय:- सनातन धर्म और मंदिरों का नवीनीकरण
सीरीज़:- Live // No Filter
अतिथि:- रत्न विशेषज्ञ पुनीत भोला, साहित्यकार नरेश शांडिल्य, आचार्य मुकेश नौटियाल
शीर्षक:- किसी भी मंदिर पर आक्रमण करके उसे तोड़ दिया जाता है।फिर उस जगह पर उस मंदिर का निर्माण होना चाहिए या नहीं?यदि होना चाहिए तब उसकी मान्यता क्या होती है और उसका बनावट कैसा होना चाहिए?

नमस्कार, भारत मेरे साथ चैनल की सीरीज Live // No Filter में आप सभी दर्शकों का स्वागत है। आज इस रिलीज में भारत मेरे साथ चैनल से सुरभि सप्रू और उनके साथ तर्क वितर्क करेंगे रत्न विशेषज्ञ पुनीत भोला और साहित्यकार नरेश शांडिल्य जी।

आज का महत्वपूर्ण विषय है सनातन धर्म पर चर्चा।
यानी की सनातन धर्म मतलब हिंदुत्व पर हिंदू के मंदिर पर हिंदू के मंदिर के नवीनीकरण पर जो मंदिर मुगलशासक में या पूर्व में पहले ही कुछ मंदिरों को विध्वंस किया गया था, उन मंदिरों का नवीनीकरण होना चाहिए या नहीं? यदि होना चाहिए तो उसी स्थान पर या किसी दूसरे स्थान पर?और उसका ढांचा कैसा होना चाहिए? इन सभी विषयों को लेकर, धर्म को लेकर, संस्कृति को लेकर, सनातन के साथ संस्कार की भी बात की जाएगी। साहित्य की भी बात की जाएगी। क्योंकि आज का जो समय कोई भी किसी भी प्रकार से मंदिर किसी का भी निर्माण करवा रहा है तो क्या वो सही है या नहीं? और साथ में बात होगी। क्या एक मंदिर में किसी दूसरे भी भगवान को स्थान देना चाहिए या नहीं? इन सभी विषयों पर चर्चा होगी।

प्राचीन मंदिर का नवीनीकरण करना चाहिए या नहीं ?
आप प्राचीन मंदिर का जीर्णोद्धार तो कर सकते हैं। लेकिन आपका विचार यदि ये है की उस मूर्ति को हटाकर या उस पिंडी को हटाकर उस मूर्तियां पिंडी का प्रारूप बदले तो वो नहीं कर सकते हैं?क्योंकि वो प्राचीन मंदिर होते हैं और जो प्राचीन मंदिर स्वयंभू होते हैं, अपने में उनकी प्रतिष्ठा नहीं होती है।तो आप उस पिंडी को उस मूर्ति को छेड़ भी नहीं सकते।आप मंदिर के बाहर के ढांचे का तो नवीनीकरण कर सकते हैं, लेकिन प्राचीन मंदिर के अंदर जो स्वयंभू मूर्ति है किसी भी देवी या देवता की तो आप उस मूर्ति को या उस पिंडी को नहीं बदल सकते। नहीं छेड़ सकते।

आप सभी दर्शक जो लोग भारत मेरे साथ के माध्यम से।प्राचीन मंदिर की पिंडी या मूर्ति या उसके नवीनीकरण के विषय में जानना चाहते हैं।
तो आप भारत मेरे साथ चैनल से सुरभि सप्रू और जुड़े हुए अतिथि आचार्य मुकेश नौटियाल, साहित्यकार नरेश शांडिल्य और पुनीत भोला जी के पूरे तर्क वितर्क को सुनने के लिए नीचे दिए गए भारत मेरे साथ के लिंक को क्लिक करें और पूरे इंटरव्यू को सुनें।

Note: – शो पर बोली गयी कोई भी बात चैनल के द्वारा लिखित नहीं है जो भी अतिथि या प्रवक्ता बात कर रहे हैं वो उनके खुद की विचारधारा हैं भारत मेरे साथ चैंनल उसके लिए जिम्मेदार नहीं है।

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