विषय:- ‘सच्ची नारीवाद’ पर सर्वप्रिय झा के साथ एक बातचीत
सीरीज़:- नारी शक्ति
अतिथि:- सर्वप्रिय झा
शीर्षक:- नमस्कार, भारत मेरे साथ चैनल की सीरीज़ नारी शक्ति में आप सभी का दर्शकों का हार्दिक स्वागत है।आज भारत मेरे साथ चैनल से सुरभि सप्रू सच्ची नारीवाद, नारी शक्ति और स्त्रियों के विषय में बात करेंगी आए हुयी अतिथि सर्वप्रिया झा से। आज के समय में।स्त्री को कितना दबाया जा सके पुरुष के माध्यम से? या नारी शक्ति को कितना दबा सकते हैं या नारी शक्ति किसी पुरुष को कितना दबा सकती है या परिवारवाद ,नारीवाद के विषय में चर्चा की जाएगी।
महिला सशक्तिकरण की परिभाषा क्या है?
प्रिया झा जो मधुबनी बिहार के एक गांव की रहने वाली हैं। और वर्तमान समय में ये दिल्ली से अपनी पढ़ाई पूरी कर रही हैं। सर्वप्रिया जा दो जगह से हैं। मतलब इन्होंने अपना गांव भी देखा और दिल्ली जैसा बड़ा शहर भी देखा है, तो इनके ख्याल से जो परिवारवाद है।बहुत ही विकृत शब्द कर दिया गया है।
नारीवाद या स्त्रीत्व आज के समय में समझने में बहुत ही आसान है। क्योंकि आजकल लोगों के लिए फेमिनिजम टू मैन हीटिंग।
मतलब की आप एक स्त्री होकर किसी पुरुष को जितना दबा सकेंगे।आज के लोग नारीवाद को यही समझते जैसे की आज नहीं उम्र के बच्चे जो है। जिन्हें जैनजी भी कहते हैं।तो उनको लगता है की जितना भी उनको सप्रेस मेन या जितना उनके बारे में बुरा बोलेंगे उतने ही तुम अच्छी फैमिली से और अच्छी स्त्री या नारीवाद कहलाओगी। यह नारी शक्ति मतलब कि आप जितना किसी पर फोर्स कर पाओगे, किसी पुरुष को जितना गलत ठहरा पाओगे, उतना ही अच्छी आप नारी शक्ति, उतनी ही अच्छी आप स्त्री कहलाओगी उतनी अच्छी जानी चाहूंगी।
इस महिला सशक्तिकरण की परिभाषा पर या नारीवाद परिवारवाद, नारी शक्ति के विषय को जानने के लिए या सुनने के लिए भारत मेरे साथ चैनल से सुरभि सप्रू और सुप्रिया झा के माध्यम से तो नीचे दिए गए भारत मेरे साथ चैनल के लिंक को क्लिक करें और पूरे इंटरव्यू को सुनें।
Note: – शो पर बोली गयी कोई भी बात चैनल के द्वारा लिखित नहीं है जो भी अतिथि या प्रवक्ता बात कर रहे हैं वो उनके खुद की विचारधारा हैं भारत मेरे साथ चैंनल उसके लिए जिम्मेदार नहीं है।




