भारत मेरे साथ
भारत संस्कृति एवं धर्म विमर्श 2025
नमस्कार आप सभी को सुनकर हर्ष होगा कि दिनांक 4 अक्टूबर 2025, दिन शनिवार समय – सांयकाल 6:00 से 9:00 बजे तक भारत संस्कृति विमर्श का आयोजन , सेमिनार हाल, इंडिया इंटरनेशनल सेंटर IIC ,40 मैक्स म्यूलर मार्ग, नई दिल्ली, 110003 में सम्पन हुआ है। यह कार्यक्रम ‘भारत मेरे साथ’ के आयोजन और कर्मारः सेवा समूह के संयोजन से हुआ है। इस कार्यक्रम की संचालक , सुश्री सुरभि सप्रू जी ने भारत संस्कृति और धर्म को लेकर एक नई यात्रा की शुरुआत की है, इस यात्रा का संकल्प देश के विभिन्न राज्यों में जाकर सनातन धर्म और संस्कृति का परचम लहराना है। इस लिए इस आयोजन की शुरुआत देश की राजधानी दिल्ली से ही की गयी है इस आयोजन में पूरे देश से 12 संत, ,महंत और आचार्य इनके साथ में कई विद्वानों ने अपना व्यक्तव रखा है। इस कार्यक्रम की मुख्य अतिथि के तौर पर श्री मती अपर्णा सोपोरी पत्नी स्व.श्री भजन लाल सोपोरी ने अपना व्यक्तव देकर सभी संत महंत आचार्यों और विद्वानों को माला और तिलक लगाकर के स्वागत किया। और सभी आये हुये संत महंत आचार्यों ने मुख्य अतिथि श्रीमती अपर्णा सोपोरी जी को कश्मीर की पहली रानी का चित्र देकर सम्मानित किया है।।
सम्मान के बाद कार्यक्रम की शुरुआत की गयी जिसमे सभी व्यक्तव्यों ने अपना दमदार व्यक्तव देकर सनातन और संस्कृति के सही पक्ष पर अपने अपने विषयों को रखा। जिसमे संतो में श्री मधुरामजी रामस्नेही भगवताचार्य जी जो रामस्नेही संप्रदाय रतलाम मध्यप्रदेश से पधारें थे उन्होंने भी अपना आशीर्वचन हमें दिया। व्यक्तव्यों में श्रीमती लक्ष्मी गौतम ने अपने व्यक्त्व से पहले धर्म की जय हो अधर्म का नाश हो के जय घोष किया फिर नारी शक्ति और धर्म संस्कृति से अपनी शुरुआत की वही अलोक शुक्ल जी ने सनातन और भरतमुनि के नाट्य शास्त्रों रंगमंच पर बहुत अच्छे से अपना व्यक्तव्य रखा। डॉ आशीष कौल ने सनातन धर्म को और राम के महत्त्व को समझाया वहीँ डॉ पूनम मटिया व ध्रुपद गायक अजेय मिश्रा जी ने संगीत और साहित्य को सनातन धर्म से बहुत सुन्दर स्वरुप में जोड़ा है। वही सिद्धार्थ शंकर गौतम जी ने अपने व्यक्तव्य में कहा की सनातन को किसी भी प्रकार का कोई खतरा नहीं है। वहीं पर कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण अंक श्री एल सुब्बाराव जी जो विजयवाड़ा आंध्रा प्रदेश से आये थे ये धनुर्विधा के गुणी हैं। इन्होने अपनी पुत्री के साथ में धनुर्विधा का प्रदर्शन दिया इन्हे कलयुग के द्रोणाचार्य कहा जाता है। प्रदर्शन के बाद मुख्य अतिथि श्रीमती अपर्णा सोपोरी और संतों महंत आचार्यों ने द्वारका नाथ सप्रू सम्मान से इन्हे सम्मानित किया गया
इस कार्यक्रम की अगली कड़ी में आचार्य जितेंद्र जी जो वाराणसी उत्तर प्रदेश से अपना व्यक्तव्य देने आये और अपने शब्दों से सबको सनातन के प्रति जागरूक किया और इन्हे सुन कर सभी भाव विभोर हो गए। और कार्यक्रम की अंतिम कड़ी में युवा संत रामानुराग रामस्नेही जी ने कार्यक्रम के संचालक सुश्री सुरभि सप्रू और भारत मेरे साथ चैनल को बधाई और शुभकामनाएँ दी।
अंत में कार्यक्रम की मुख्य अतिथि श्रीमती अपर्णा सोपोरी जी ने आये हुये सभी अतिथि संत, महंत, आचार्य और विद्वानों को और चैनल के पूरे सदस्यों को ससम्मान सम्मानित किया और कार्य को लेकर प्रशंसा भी की।
इस आयोजन में आये हुए संत महंत आचार्य और विद्वानों के नाम है जिन्होंने अपना व्यक्त्व दिया है।
श्री बालयोगी संत तोताराम जी महाराज रामस्नेही
श्री यदुराम जी रामस्नेही
श्री मधुराम जी रामस्नेही
युवा संत श्री रमानुराग रामस्नेही
आचार्य श्री जितेन्द्रे जी
आचार्य श्री मुकेश नौटियाल
आचार्य श्री संजय तिवारी
श्री नवीन चँलू
डॉ श्रीमती लक्ष्मी गौतम जी
डॉ श्रीमती पूनम मटिया जी
डॉ श्री आशीष कौल जी
श्री अजेय मिश्रा जी
श्री सुधाकर पाठक जी
श्री अलोक शुक्ला जी
श्री सिद्धार्थ शंकर गौतम जी
इन सभी लोगो ने भारत संस्कृति विमर्श पर अपनी बातों को रखा है। इस कड़ी में
श्री एल. सुब्बाराव जी ने जो विजयवाड़ा दक्षिण भारत से आये हुए थे इन्होने अपना धनुर्विधा का प्रदर्शन करके सबका मन मोह लिया और संस्कृति को एक नयी दिशा दिया है। इन्हे आज का द्रौणाचार्य भी कहा जाता है।
इनके व्यक्तव को और धनुर्विधा के प्रदर्शन को देखने के लिए निचे दिए गए लिंक को क्लिक करे और पूरा आयोजन देखे।।




