Thursday, February 5, 2026
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भारत मेरे साथ , भारत धार्मिक यात्रा

माँ गंगा मोक्षदायनी है और पवित्रता का प्रमाण देती है , मनुष्य गंगा से निकलकर गंगा में ही समां जाता है। भारत मेरे साथ धार्मिक यात्रा की शुरुआत हमने गढ़ गंगा तीरथ गढ़ मुक्तेश्वर से शुरुआत हुई। माँ गंगा से प्रार्थना कर हमने सभी धार्मिक यात्राओं को सफल करने की कामना की। धार्मिक यात्रा सनातन धर्म के तीरथ , मंदिर और ऐतिहासिक स्थलों तक पहुंचकर वहां की पूरी जानकारी को एकत्रित कर सनातन को सुरक्षित और ताकतवर बनाने का प्रयास है। 2026 के इस संकल्प में कई आश्रमों और गुरुकुलों को भी कवर करने का प्रयास रहेगा। स्वामी विवेकानंद ने भी भारत की यात्रा कर भारत को शक्तिशाली और सनातन धर्म को समृद्ध करने के लिए पूरे भारत की यात्रा की और भारत के बाहर भी सनातन धर्म भगवत गीता जैसे कई ग्रंथों और कई उपनिषदों का प्रचार किया उसी से प्रेरित है मेरा ये संकल्प। मैं धर्म और देश के प्रति ही समर्पित हूँ, ये समर्पण ही है जिसने मुझे इतना बड़ा चैनल छोड़ने के लिए विवश किया। सही क्या है सीरीज़ की इस कड़ी में हमारी अगली यात्रा उज्जैन की रही। उज्जैन जाकर सब महाकाल के दर्शन कर वापस आ जाते हैं पर भैरव जो महाकाल के कोतवाल हैं उनके दर्शन के लिए बहुत कम भक्त दूर से जाते हैं। भारत मेरे साथ के इस संकल्प से सभी तीरथ और मंदिरों के प्रचार सम्भव हो पाएंगे। अष्टभैरव यात्रा के बिना महाकाल के दर्शन पूर्ण नहीं होते। इस संकल्प में आप हमारा सहयोग कर सकते हैं , किसी भी मंदिर को सहयोग दे सकते हैं , किसी भी अनुष्ठान के जजमान बन सकते हैं। पत्रकरिता की दुनिया में ये एक क्रांति की तरह उभर कर सामने आ रहा है। गली गली जाकर सनातन धर्म की नींव पौराणिक कथाएं और मंदिरों के इतिहास को रिकॉर्ड कर हम सनातन धर्म के प्रचार को बढ़ा रहे हैं। यही हमारा संकल्प है , अवंतिकापुरी के बाद अगली यात्रा कहाँ की होगी आपको जल्द बताएँगे। यात्रा में किसी भी प्रकार का सहयोग देने के लिए आप आमंत्रित है और हमसे सम्पर्क कर सकते हैं।

संपर्क सूत्र 9050534696 mail id :- bharatmeresaath@gmail.com

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