विषय:- पशु पंक्षियों के लिए करुणा या क्रूरता !
सीरीज़:- ग्रीन स्पीक
अतिथि:- ASP श्री योगेंद्र कुमार
स्थान:- भारत मेरे साथ स्टूडियो ईस्ट दिल्ली
शीर्षक:- नमस्कार भारत मेरे साथ चैनल के सभी दर्शकों का स्वागत है जैसे की आप सभी लोग जानते हैं कि भारत मेरे साथ चैनल में कई सारे सीरीज़ है उसी में एक सीरीज़ है पर्यावरण पर सीरीज़ है। उसका नाम है ग्रीन स्पीक। और ग्रीन स्पीक सीरीज़ में हम हमेशा से ऐसे व्यक्तित्व को लेकर आते हैं। जोकि पर्यावरण को लेकर बहुत ही संवेदनशील है और अच्छे से कार्य भी का रहे हैं। तो आज इस सीरीज़ में भारत मेरे साथ चैनल की संचालिका सुश्री सुरभि सप्रू के साथ में अतिथि श्री योगेंद्र कुमार जी हैं जो असिस्टेंट सुपरिटेडेंट ऑफिसर तिहाड़ जेल में हैं।
आज योगेंद्र कुमार जी से पशु पंक्षी पर्यावरण इत्यादि पर विशेष बातचीत की जायगी।
प्रश्न:- योगेंद्र कुमार सर्विस के साथ साथ किस तरह से पर्यावरण पर काम करते हैं ?
उत्तर:- मैं योगेंद्र कुमार तिहाड़ जेल में असिस्टेंट सुपरिटेडेंट ऑफिसर में हूँ। इसकी जो ड्यूटी है वो बहुत ही कठिन और टप ड्यूटी है। इसमें दिक्कत दिक्कत भी बहुत आती है मगर पर्यावरण पर काम करने से हमे काफी शांति मिलती है पर्यावरण पर काम मैं ये लगभग २० -२२ वर्ष पूर्व से कर रहा हूँ। और बहार के साथ साथ पर्यावरण पर तिहाड़ जेल के अंदर भी काफी काम किया है। फिर मैं एनिमल वेलफेयर बोर्ड और इंडिया से जुड़ गया उसमे मैं अवार्ड एनिमल वेलफेयर से रेप्रेज़ेंटेड भी हूँ। तो उनके माध्यम से भी मैं ये काम करता हूँ। मैंने काफी अभियान भी पशु पक्षी प्रकृति को लेकर चला रहा हूँ।
प्रश्न:- ASP योगेंद्र कुमार का योगदान एक या सभी जो पर्यावरण से पशु पक्षियों से ?
उत्तर:- पशु पक्षी को लेकर जो मेरा विचार है कि चींटी से लेकर हांथी तक सभी एनिमल और बर्ड्स की हमे वेलफेयर करना हैं। यह नहीं कि किसी एक पशु या पक्षी को लेकर। क्योंकि ज्यादातर आप देखते हैं कि लोग कोई गाय, बन्दर, कुत्ता, बिल्ली, तोता इत्यादि पशु पक्षियों को मानते हैं लेकिन हमे ये नहीं करना चाहिए क्योंकि सब में प्राण होते हैं और हमे सभी की सेवा करनी चाहिए। हमारे सामने कोई भी बीमार इन्जर आता है हमे उसकी सेवा और इलाज करनी हैं। वैसे हम लोग वेद पुराणों की तरफ देखें तो उसमे भी पशु पक्षी को किसी न किसी देवी देवता से जोड़ा गया है जिससे हम लोग उसके प्रति सदा आदर भाव रखे और उसकी सेवा करे।

प्रश्न:- पशु पक्षी के सेवा के लिए सब्र और भावना क्या महत्वपूर्ण है ?
उत्तर:- पशु पक्षी के सेवा के लिए देखा जाये तो दोनों ही महत्वपूर्ण है। लेकिन सबसे ज्यादा भावना है इसमें वो भी जागृत करनी पड़ती है । हमारा यही मकसद है कि मैं विद्यालयों में जाकर भी बच्चों के अंदर करुणा जो है यह जागृत करें। इसी कड़ी में एक बात मैं तिहाड़ जेल की बताता हूँ और बहुत ही गर्व करने वाली बात है कि हमने जो सेटअप लगाया है। और उसमे जो पक्षी रहते हैं उनको दाना डालना और बीमार पक्षियों की सेवा करना ये सब वहां के कैदी ही करते हैं। और उनकी जो मानसिकता है न वो धीरे धीरे बदल रही है। क्रूरता से करुणा के तरफ। हमारी किताबों में विद्वान लिखकर गए हैं कि यदि कोई भी प्रकृति से प्रेम करता है वो कभी भी क्रूरता नहीं कर सकता है। इसी लिए हमे दोनों सब्र और भावना महत्वपूर्ण हैं।
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नोट:- भारत मेरे साथ चैनल की सुश्री सुरभि सप्रू जी और ASP योगेंद्र कुमार की प्रकृति और पर्यावरण पर विशेष बातचीत को सुनने के लिए नीचे दिए गए चैनल लिंक को क्लिक करें और पूरा सही क्या है एपिसोड को देखें।।




