विषय:- क्या है स्वनी नारायण धाम का गोमती सरोवर
सीरज:- साहित्य धारा
शीर्षक:- श्री स्वामीनारायण धाम के गोमती तालाब पड़ताल। गुजरात का इतिहास जानने के लिए भारत मेरे साथ से सुरभि सप्रू जो है स्थानीय लोगों से कर रही हैं बातचीत।
श्री स्वामी नारायण ने कब और क्यों बनाया गोमती सरोवर?
श्री स्वामीनारायण को यहाँ के लगभग सभी लोग भगवान स्वरुप ही मानते हैं और स्वामी नारायण का जन्म उत्तर प्रदेश के छपईआ गांव में 250 वर्ष पूर्व हुआ था। लेकिन इन्होंने अपना समय वड़ताल गुजरात में ज्यादा किया है।और ये एक संत के रूप में ही रहते थे।तभी यहाँ पर वड़ताल गुजरात में अकाल एक समय पड़ गया। और सभी प्रकार से यहाँ पर तहस नहस हो रहा था पशु पक्षी जीव जंतु, जानवर, इंसान सभी एक एक बूंद के लिए तरस रहे थे। वो तड़पकर अपने जान दे रहे थे।तभी यहाँ के सभी लोगों ने भगवान स्वामीनारायण के पास जाकर इस अकाल के लिए गुहार लगाई तब उन्होंने तपस्या करके अपने हाथों से इस स्थान पर सरोवर बनाया और गंगा जी को स्वयं अपनी तप से प्रकट किया तब से इस तालाब में कभी भी जल नहीं सूखता है। तभी से इसका नाम गोमती सरोवर रखा गया।
स्वामी नारायण धाम में श्रद्धालु कब कब आते हैं ?
भगवान स्वामीनारायण जी 14 वर्ष की उम्र में ही अपने घर को त्याग कर पूरे भारत का भ्रमण कर रहे थे और वो गुजरात में विचरण किया।उन्होंने गुजरात के गडरा भोज, कच्छ इत्यादि क्षेत्रों में भ्रमण कर रहे थे।और वड़ताल में सभी लोगों को ज्ञान भी दिया।क्योंकि यहाँ पर ज्यादातर लोग।डाकू और बिना ज्ञान के लोग रहते थे।जो लूटपाट डकैती? इत्यादि कर काम करते थे। जब से बात में भगवान स्वामीनारायण वड़ताल पहुंचे तब उन्होंने यहाँ के लोगों को ज्ञान दिया दिया।तब से इस धाम में लोग आते हैं। यहाँ सबसे ज्यादा पूर्णिमा को ही भीड़ होती है। ओर के गुरु पूर्णिमा का पर्व को स्वामी नारायण मंदिर में श्रद्धालुओं की अपार भीड़ होती है और यहाँ पर गुरु पूर्णिमा का सबसे अधिक महत्त्व माना गया है।
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क्या है स्वनी नारायण धाम का गोमती सरोवर |
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