विषय:- क्या हिन्दुओं की आस्था के साथ हो रहा है खिलवाड़ ?
सीरज:- Live // #Nofilter
व्यक्ता:- कर्नल डॉ आदर्श शर्मा
शीर्षक: – लाल किला दिल्ली बम ब्लास्ट में श्री माता वैष्णो देवी विश्वविद्यालय जम्मू कश्मीर का नाम खबरों में हैं। क्यों?
कर्नल डॉ आदर्श शर्मा ने बताया की अभी दिल्ली लाल किले के पास एक बम ब्लास्ट हुआ, जिसमें श्री माता वैष्णो देवी विश्वविद्यालय जम्मू कश्मीर से पढ़े हुए छात्रों ने इसका पूरा अंजाम दिया।वह छात्र एक आतंकवादी के रूप में गठित हुए। वो ऐसे आतंकवादी जो एक नासूर बनकर उभरते हैं मतलब की उनकी ऐसे वैसे नहीं, एक प्रोफेसर के पद पर थे। डॉक्टर के पद पर थे जो भगवान के बाद डॉक्टर को ही भगवान माना गया है। उन लोगों ने इस बम ब्लास्ट का अंजाम दिया है।तो ऐसा क्यूँ? क्योंकि श्री माता वैष्णो देवी विश्वविद्यालय में जो श्राइन बोर्ड बना हुआ है उसमें हिंदू समाज का सनातन धर्म के लोगों का चंदा जाता है, लेकिन उसे विश्वविद्यालय में हिंदू धर्म के बच्चे कहीं न कहीं वंचित हो पाते हैं। उसमें उनकी सीटें कुछनाम मात्र की है और दूसरे धर्म के दूसरे समुदाय की सीटें बहुत हैं, 75% तक है और वही लोग एक इतना बड़ा ब्लास्ट करने के लिए तैयार हो जाते हैं। एक इतनी बड़ी घटना को अंजाम देने के लिए तैयार हो जाते।तो ऐसा क्यों?
श्री माता वैष्णो देवी विश्वविद्यालय में हो रहा है हिंदुओं की आस्था के साथ एक भेद भाव !
श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड में वही लोग जाते हैं जो कि सनातन धर्म में आस्था रखते हैं। तो वहाँ पर अगर आप देखेंगे कि ₹5 से लेकर ₹500 तक?का जो भी चढ़ावा चढ़ता है, मंदिर में तो वो दान सनातन धर्म के लोगों के ही द्वारा किया जाता है।तो फिर सनातन धर्म की आस्था और भक्तों के दान के से अगर ये विद्यालय बने हैं तो फिर उन्हीं के बच्चों को उससे शिक्षा प्राप्त करने में वंचित क्यों रखा जाए जाता है?ये उन्होंने इसका प्रावधान क्यों नहीं रखा गया?यह केवल प्रवेश का मुद्दा नहीं है। यह हमारे धर्म, हिंदू धर्म की आस्था का न्याय और सनातन मर्यादा का मुद्दा बन गया है।
श्री माता वैष्णो देवी विश्वविद्यालय में हो रहे हिन्दू धर्म के साथ भेदभाव में बनी एक संघर्ष समिति।
श्री माता वैष्णो देवी विश्वविद्यालय में हो रहे हैं। हिंदू धर्म के छात्रों के साथ भेदभाव या वहाँ जम्मू कश्मीर में किसी भी प्रकार से हिंदू धर्म को लेकर भेदभाव हो रहा है। उसके लिए एक समिति जिसका नाम संघर्ष समिति का संगठन हुआ है।जब यह मुद्दा सबसे पहली बार उजागर हुआ तो 50 -60 संस्थाएँ जो सनातन धर्म सभा से है उनके अध्यक्षता में हमारे पुरुषोत्तम जी के सहयोग से यह बैठक हुई जिसमें 50 से 60 विभिन्न संस्थाओं या संगठनों से जुड़ी और उन सभी लोगों ने एक फैसला लिया है। एक निर्णय लिया है की एक संघर्ष समिति बनाई जाए जिसके संयोजक कर्नल, सूखी मन कोटिया सेनानिवृत्त को चुना गया। उसके बाद ये निर्णय लिया गया है की सभी जिले में एक एक संयोजक हो और संघर्ष समिति के दिशा निर्देश के अनुसार कार्य करते रहे।अभी तक तो ये बहुत ही शांतिपूर्ण तरीके से चलता रहा पर वर्तमान सरकार अभी तक किसी भी प्रकार का निर्णय नहीं लिया है।और ना ही जनता को किसी भी प्रकार को शासन दिया गया है।इसमें जो संत हैं वो हमारे सनातन धर्म की आस्था को संभालकर रखे हुए हैं और उनके सभी के आशीर्वाद से ही और संतों ने भी इस संघर्ष समिति का सहयोग दिया है। अपनी विचारधारा दी है और इस संघर्ष समिति के द्वारा समाज में सनातन धर्म का उजागर करेंगे।
श्री माता वैष्णो देवी विश्वविद्यालय में हो रहे हिन्दू धर्म के साथ भेदभाव के इस विषय की पूरी चर्चा को उनके पूरे विषय को जानने के लिए भारत मेरे साथ सुरभि सप्रू के साथ जुड़े हैं वक्त डॉक्टर कर्नल आदर्श शर्मा इन को सुनने के लिए नीचे दिए गए भारत मेरे साथ चैनल के लिंक को क्लिक करें और पूरे इंटरव्यू को देखें।
Note: – शो पर बोली गयी कोई भी बात चैनल के द्वारा लिखित नहीं है जो भी अतिथि या प्रवक्ता बात कर रहे हैं वो उनके खुद की विचारधारा हैं भारत मेरे साथ चैंनल उसके लिए जिम्मेदार नहीं है।




